कल ही काम को पूरा करके बैठा हूं और आज दिल्ली जाना हो रहा है । रामधारी सिंह दिनकर जी की स्मृति में आयोजित होने वाले आयोजन में । आयोजन के अंतिम सत्र में कवि सम्मेलन आयोजित होता है । उसी में भाग लेने के लिये जा रहा हूं । आप सब भी पधारिये । दादा गोपाल दास नीरज जी को सुनने के लिये ।
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