शुक्रवार, 29 जुलाई 2016

प्रतिष्ठित 'राजेन्‍द्र यादव हंस कथा सम्‍मान' पंकज सुबीर को

इस वर्ष का प्रतिष्ठित 'राजेन्‍द्र यादव हंस कथा सम्‍मान' सीहोर, मध्‍यप्रदेश  के कहानीकार पंकज सुबीर और योगिता यादव को प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है। मुंशी प्रेमचंद द्वारा स्‍थापित प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका 'हंस' द्वारा यह सम्‍मान प्रतिवर्ष 'हंस' के पूर्व संपादक तथा हिन्‍दी साहित्‍य के शलाका पुरुष राजेन्‍द्र यादव की स्‍मृति में प्रदान किया जाता है। यह सम्‍मान हंस में प्रकाशित किसी कहानी पर प्रदान किया जाता है। वर्ष 2013 में किरण सिंह, वर्ष 2014 में आकांक्षा पारे एवं टेकचंद तथा 2015 में यह प्रकृति करगेती को प्रदान किया गया था। इस वर्ष यह सम्‍मान पंकज सुबीर को उनकी कहानी 'चौपड़े की चुड़ैलें' हेतु प्रदान किया जा रहा है। मोबाइल के माध्‍यम से अश्‍लील बातें करके युवाओं को भ्रमित करने की समस्‍या पर लिखी गई इस कहानी को हंस के अप्रैल अंक में प्रकाशित किया गया था। कहानी को पाठकों द्वारा बहुत पसंद किया गया था। हंस द्वारा जारी सूचना के अनुसार इस वर्ष का सम्‍मान पंकज सुबीर और योगिता यादव को संयुक्‍त रूप से प्रदान किया जा रहा है। हर वर्ष यह सम्‍मान स्‍व. राजेन्‍द्र यादव की जयंती 28 अगस्‍त को प्रदान किया जाता है। इस वर्ष भी यह सम्‍मान 28 अगस्‍त को नई दिल्‍ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित समारोह में पंकज सुबीर और योगिता यादव को प्रदान किया जाएगा।