समीर लाल जी ने सीहोर मे क्या पढ़ा ये जानने के लिये सभी उत्सुक हैं और ये जानना चाह रहे हैं कि आखिर समीर लाल जी ने सीहोर में क्या रंग जमाया । वैसे कोई प्रोफेशनल वीडियोग्राफर ने तो नहीं पर हां मेरे एक छात्र ने अपने मोबाइल से कुछ शाट लिये थे वो ही यहां पर दे रहा हूं ।
पहला वीडियो
http://www.youtube.com/watch?v=TYt9gu7rBXw
दूसरा वीडियो
http://www.youtube.com/watch?v=QCIQyWNcyzA
Tuesday, 8 January, 2008
समीर लाल जी के वीडियों लोगों ने देखना चाहे हैं वैसे किसी प्रोफेशनल विडीयोंग्राफर ने तो नहीं पर मेरे एक छात्र ने कुछ वीडियों मोबाइल से लिये हैं
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3 टिप्पणियाँ:
सुबीर भाई
मजा आ जाए अगर आप समीर जी की रचनाएँ पोस्ट पर डाल दें मैं उनसे कल मिलने वाला हूँ. सबसे जरूरी है की आप ये बताएं की आप ने क्या सुनाया?
नीरज
शुक्रिया सुबीर भाई...
पनिहारिन के घर में लगता सचमुच ही लग गया आज नल
और पेड़ उदरस्थ कर रहा अपना हर इक पका हुआ फल
यों तो नदिया, ताल, तलैय्या, झरने, कुंए सभी यहाँ हैं
लेकिन लगता हैं सब रीते, बीत गया टिप्पणियों का जल
टिप्पणियों के महानगर के जो इकलौते शहज़ादे थे
लिखते थे दो शब्द, प्रेरणा वाले वे सीधे सादे थे
जाने कितने चिट्ठाकारों के वे रहे बने उत्प्रेरक
कहाँ खो गये ? वैसे उनके लिखते रहने के वादे थे
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