मंगलवार, 5 मई 2009

जिस दिन मेरा था अभिनंदन, तुलसीदास सर कूट रहे थे, कालीदास करते थे क्रंदन, जिस दिन मेरा था अभिनंदन ।

पिछली पीढ़ी के संभवत: जबलपुर के किसी कवि की ये कविता है किसकी है ये तो याद नहीं आ रहा है किन्‍तु मेरी पसंदीदा पंक्तियां हैं ये । जब भी कहीं पर कोई मेरा सम्‍मान करने की बात करता है तो ये पंक्तियां याद आ जाती हैं । गये रविवार को हमारा भी अभिनंदन हुआ । सांसद तथा प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री श्री कैलाश जोशी  और हमारे क्षेत्र के विधायक श्री रमेश सक्‍सेना जी जो अपनी मूंछों की स्‍टाइल के लिये पूरी विधानसभा में चर्चित हैं । के हाथों हमारा अभिनंदन हुआ अब हम तो ये नहीं कहेंगें कि तुलसीदास सर कूट रहे थे कालीदास करते थे क्रंदन । खैर अवसर था परशुराम जयंति का और चूंकि हम भी ब्राह्मण हैं सो साहित्यिक उपलब्धियों के लिये हमारा सम्‍मान किया गया । अपने आदरणीय अग्रजों श्रद्धेय श्री प्रकाश व्‍यास जी तथा श्रद्धेय मदन मोहन जी शर्मा जी का आदेश टालना असंभव हो गया अत: सम्‍मान लेना ही पड़ा और अपने शहर में सम्‍मान नहीं लेने की कसम आखिर टूट ही गई । खैर अच्‍छा लगा और इसलिये और अच्‍छा लगा कि मंच पर मेरे बड़े भाई श्री अजय पुरोहित जो कि श्रीमदभागवत पर प्रवचन देते हैं ( वैसे मूलत: वे कम्‍प्‍यूटर इंजीनियर हैं ) विशिष्‍ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे । साथ ही प्रदेश के एक और बड़े भागवत प्रवचनकार श्री प्रभु नागर भी उपस्थित थे । अच्‍छा लगता है न कि मंच पर दोनों भाई उपस्थित हों । एक का सम्‍मान हो रहा हो और दूसरा सम्‍मान करने वाले अतिथियों में हो । आपको बता दूं कि हम दो ही भाई हैं बहन नहीं हैं । शहर के मुख्‍य सभा स्‍थल पर हजारों की भीड़ के सामने सम्‍मान प्रदान किया गया । सम्‍मान नहीं लेने की कसम टूटने का मलाल नहीं रहा । कार्यक्रम की चित्रमय झांकी आपके लिये प्रस्‍तुत हैं ।

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ये हैं मध्‍यप्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री तथा सांसद श्री कैलाश जी जोशी पीछे जो हाथ बांधे खड़े हैं वे मेरे अग्रज हैं ।

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ये हैं हमारे क्षेत्र के विधायक श्री रमेश सक्‍सेना जी ( मूंछों वाले ) ।

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श्री कैलाश जी जोशी शाल प्रदान कर रहे हैं और ठीक पीछे मेरे अग्रज खड़े हैं ।

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सांसद श्री कैलाश जोशी जी तथा विधायक श्री रमेश सक्‍सेना जी सम्‍मान प्रदान कर रहे हैं ।

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एक समूह चित्र जिसमें बांये से हैं श्री मदन मोहन जी शर्मा, श्री प्रभु जी नागर, श्री अजय पुरोहित, एक कोई महंत हैं, फिर भागवत प्रवचनकार पंडित प्रदीप मिश्रा जिनका भी सम्‍मान हुआ था, फिर ग़ज़ल प्रवचनकार पंकज सुबीर, सांसद कैलाश जोशी, माइक लिये हैं श्री प्रकाश व्‍यास जी , फिर विधायक श्री रमेश सक्‍सेना और अंत में खड़े हैं पूर्व विधायक श्री मदन लाल त्‍यागी ।

तो चलिये फोटो देखिये और मुझे इजाजत दीजिये । हां तरही के लिये जिन लोगों ने ग़ज़ल नहीं दी है  वे कृपा करके शीघ्र भेज दें क्‍योंकि हम अगले सप्‍ताह में उस आयोजन को करने जा रहे हैं ।

एक ओपीनियन पोल में आप सबकी आवश्‍यकता है कुछ लोग मेरे पीछे लगें हैं कि मुझे हेयर ट्रांस्‍प्‍लांट करवाना चाहिये मेरा स्‍वयं का स्‍पष्‍ट मत है कि मुझे ज़रूरत नहीं है, मेरे इस मत के पक्ष में भी कई सारे लोग हैं । किन्‍तु ट्रांस्‍प्‍लांट का समर्थन करने वाले कुछ लोगों में मेरी पत्‍नी भी शामिल है । अत: आप बतायें कि आप क्‍या कहते हैं । मेरे जन्‍म दिन की ये तस्‍वीर देख कर पत्‍नी कहती है कि बस बाल की ही कमी है वरना तो तुम अभी तक स्‍मार्ट लगते हो ( 'अभी तक' पर गौर करें ) । इस चित्र में हम दोनों नजर आ रहे हैं ।

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18 टिप्‍पणियां:

  1. गुरु देव को सादर प्रणाम,
    बहोत बहोत बधाई इस सामान के लिए ... तस्वीरें खासा अछि लगी .. हलाकि जो आपको सम्मानित कर रहे थे वो ये कहे की खुद को सम्मानित कर रहे थे तो तथाकथित गलत ना होगा,... माँ सरस्वती का आर्शीवाद आप पे करम बन के रहता है ... फोटो में सभी को देखना अच्छा लगा.. वेसे आप अभी भी स्मार्ट हो ये तो पता है सिक्स पैक एब्स है आपके अभी भी एक हम है के ...उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़ अब क्या कहे.. एक बार फिर आपको बधाई इस सम्मान के लिए ... अभी तक तरही के लिए ग़ज़ल लिख नहीं पाया हूँ ... जल्द ही भेजता हूँ... भाभी जी सही कहती है आपके स्मार्टनेस पे .. उनको भी सादर प्रणाम..
    साथ में जन्म दिन की ढेरो बधाईयाँ और शुभकामनाएं..


    आपका
    अर्श

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  2. पहली बात..आपको सम्मान दिया गया ये सम्मान का सम्मान है...आप सभी सम्मानों से बहुत ऊपर हैं...जो व्यक्ति दिल से सम्मान पाता है उसके लिए ये शाल-वाल प्रशश्ति पत्र-फत्र किस काम के...भला तुलसीदास किस सम्मान से सुशोभित हुए थे? कबीर को किसने प्रशश्ति पत्र दिया? रहीम के लिए किसने तालियाँ बजायीं... रसखान को किसने मालाएं पहनायीं...और गालिब की शान में किसने कसीदे पढ़े...??? इसलिए कहता हूँ ये सम्मान के लिए सम्मान की बात है की आपकोआपने सम्मानित होना स्वीकार किया. सम्मान को ढेरों बधाईयाँ.

    दूसरी बात आप कम बालों में गज़ब ढाते हैं...हसीन जुल्फों की छटा बिखेर कर दिलों पर राज करने वाले बहुत मिल जायेंगे लेकिन इतने कम बालों में कहर ढाने वाले बिरले ही होते हैं...श्रीमती जी को कहिये की वो आपको पहचाने...ये कम बाल ही तो आपको भीड़ में सबसे अलग करते हैं... साथ ही पढ़े लिखे धनाड्य होने की सूचना भी देते हैं...(धन पैसे से नहीं प्रशंशा से भी कमाया जाता है)...आप जब खोपोली आयेंगे तब हम उन्हें समझा देंगे...की आप क्या है...

    तीसरी बात आप ये कमाल के कुरते पायजामे कहाँ से खरीदते हैं...आप को कुरता पायजामे में बिजलियाँ गिराते देख हमारा भी मन इन्हें पहन ने को होने लगा है लेकिन ऐसे मिलें तब न...पत्नी श्री के साथ वाली फोटो में पहना कुरता तो राम कसम "उफ़ यूँ माँ" टाईप है...

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  3. हा...हा...हा....सुबीर जी ये नीरज जी भी कमालकी टिप्पणी करते हैं ....मैं तो कहने वाली थी की आप श्रीमती जी की बात मान ही लीजिये ....पर नीरज जी ने तो अपनी ही दलीलें दे दी......देश के सभी महान पुरुष गंजे थे ...आप भी उनकी लिस्ट में शामिल हो जाइये .....!!

    हाँ सम्मान के लिए आपको बहुत बहुत बधाई...आपको इसी तरह सम्मान मिलते रहें और हम खुशियाँ मनाते रहें ...!!

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  4. वैसे तो नीरज ने सब कुछ कह ही दिया है फ़िर भी हमारी ओर से भाभी जी को नमन के साथ सूर्य कुमार पाण्डेय जी की ये पंक्तियां निवेदित करें-
    मैं गंजा हूं तो इस चिकने घड़े का फ़ायदा भी है
    अगर चाहे भी कोई बाल बांका कर नहीं सकता
    है वो फ़िसलन कि रखते ही फ़िसल जाती है हर मुश्किल
    कोई इल्ज़ाम अपना मेरे सर पर धर नहीं सकता

    और...

    मेरी टकल पे हंसते हो अमां नादान हो तुम भी
    जरूरी है नहीं हरे पत्तों पर ही जवानी हो
    ये गंजापन बताता है इमारत है नयी अब भी
    छतों पर घास उग आती है गर बिल्डिंग पुरानी हो

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  5. सम्मान के लिए बधाई! उस से भी अधिक कैलाश जी जोशी के हाथों यह सम्मान मिला। मैं उन की राजनीति से कभी सहमत नहीं हुआ। लेकिन उन की शुचिता बरबस ही आकर्षित करती है। आज के इस युग में उन जैसी शुचिता का व्यक्ति तलाश पाना असंभव नहीं तो दुष्कर तो है ही।
    हाँ, भाभी की हँसी तो इस लिए है कि पत्नियाँ कभी पति को भगवा या केसरिया में नहीं देखना चाहती।

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  6. aap ke samman ki jhanki dekhana achchha laga..!

    Aur mai bina kisi kintu parantu ke kahungi ki aap bhabhi ji ki hi baat maniye, is liye nahi ki aap achchhe ya kharab lagege, baliki isliye kyo ki vo aap ko aisa dekhana chahati haiN

    Aur bhabhi ji se khaiyega ki khud hi rai namak utaar le apane sir se, unki hansi ko hamari hi nazar na lag jaye aur Ishwar se prarthana ki vo aap ko dekh kar yun hi khilkhilati raheN

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  7. pankaj ji , aapko mile samman ke liye badhai,aapko isse bhi bade samman ke liye shubh kaamna karta hun.dhanyawaad

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  8. पंकज जी.................आपको बहूत बहूत बधाई सम्मान मिलने पर..............दूसरों की प्यार के लिए कभी कभी कसम टूट जाए तो कोई दुःख नहीं. जहां तक बालों की बात है......आप शुरुआत करें देखिये कौन कौन पीछे आता है..........

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  9. आज तो धन्य हो गये हम गुरूदेव...कब से आपकी और भाभी जी की तस्वीर संग देखने की इच्छा थी और भाभी जी की हँसी देखकर मुझे नहीं लगता कि उनको आपके कम बालों का ज्यादा ग़म है...और सम्मान के लिये समस्त बधाईयां...आप इन सबसे बहुत-बहुत ऊपर हैं गुरूवर...
    किंतु ये तस्वीर सेव क्यों नहीं हो रही मेरे लैपटाप में?

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  10. हो गया...हो गया...सर वो आपकी तस्वीर सेव कर ली है हमने सर...बहुरानी के दर्शनार्थ---इजाजत है ना, सर?

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  11. मेरी ऊपर की टिप्पणी में जल्दी में टाईपिंग की गलती से "नीरज जी" की जगह सिर्फ़ नीरज टाईप हो गया है। अस्तु, निवेदन है कि इसे "नीरज" जी पढ़ा जाये क्योंकि वे मेरे लिये अदरणीय भी हैं और अनुभवी भी।

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  12. गुरु जी प्रणाम
    टिप्पडी करना चाह तो देखा नीरज जी ने मेरे दिल की सारी बातें पहले ही कह दी है अब तो बस उनका अनुमोदन कर रहा हूँ
    अगर आप नकली बाल चिपका लेगे तो उस बनावटी पण से आपके असली व्यक्तित्व पर कोई फरक नहीं पड़ने वाला
    और इसमें झंझट भी बहुत है
    रही बात स्मार्टनेस की वो तो नजर नजर की बात है
    जब लोग हमारी कला को दिल से सराहते है तो दिल खुश हो जाता है
    आपके सम्मान समारोह की चित्रमय झांकी देख कर दिल खुश हो गया

    वीनस केसरी

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  13. पन्कज जी मुबारक हो !
    नीरज जी की ’ सन्मान ’ वाली बात से पूरी तरह सहमत हून .हान बालोन के बारे मे यह कहून्गा कि आप चिन्ता छोड दिजिये...........अरे अभी तक केशव दास वाली ’ केशव केशन अस करी..................’ पर तो नहीन पन्हुचे ! बन्धु हमारा दर्द समझ अपना तो भूल ही जायिये . .और भाभी जी नासमझी कर रही हैन ............अगर जान जायेन कि आपके पुरुसार्थ और पौरुस के साथ ’पुरुस’ भी (वैसे खुद वही कह रही हैन स्मार्ट लगने वाली बात ) निखर जाये तो क्या हो सकता है, deadly cocktail हो जायेगा ! ( यानी क्या नहीन हो सकता ) .

    एक बार फ़िर बधायी ! आपके ’ गान्व ’ वालोन को भी ! वरना अक्सर अपने ही नासमझ रह जाते हैन............’घर का जोगी जोगडा.........वाले अन्दाज़ मे .
    वैसे कुर्ते की दुकान नीरज जी को बता ही देन लगे हाथ .वे भी पहन लेन्गे तो ’असली’ शायर नजर आने लगेन्गे बावजूद अपने ’ फ़ौलादी ’ धन्धे के .........’शायर’ तो वैसे आप्ने उन्हे ’ बना ’ ही दिया है ! हा...हा...हा !!!

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  14. भाई साहब बहुत बहुत मुबारक....जन्मदिन वाले कपडों में तो वाकई जम रहे हैं आप....भाभी जी को समझाईये तनिक कि बालों का न होना हीअच्छा है...वर्ना "नो ऐब" वाले उनके पंकज जी को कहीं कोई और न चुरा ले जाए.....अरे भाई निदा साहब फरमा गए हैं न -
    थोडी बहुत तो जेहन में नाराजगी रहे....

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  15. चाहे कोई सर कूटे चाहे कोई क्रंदन करे, आपको बधाई तो स्‍वीकारनी हीपडेंगी।

    -----------
    SBAI TSALIIM

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  16. आदरणीय सुबीर जी,

    नमस्ते !

    कुछ तो बात है, कुछ भी अच्छा होता है तो ईश्वर आप के ब्लॉग की फेरी लगवा ही देता है :)
    आपका ब्लॉग देखा (4th May 09) , आपको सम्मान मिला, ये जान कर बहुत अच्छा लगा . . . साथ ये भी कि गुण और सुविचार किसी सम्मान के मोहताज़ नहीं ! आप वैसे ही बेहद लोकप्रिय और माने हुए हैं :)
    आपको और आपके परिवार को आपकी अच्छाईयों के लिए बधाई! मेरा मानना है कि आप के घर में सभी का सहयोग और आशीर्वाद है आपके साथ, तभी आप वह कर पा रहे हैं और कह पा रहे हैं जो करना-कहना चाहते हैं.
    सबसे ज्यादा बधाई भाभी जी को ! कितनी सुन्दर लग रहीं हैं ! बहुत ही प्यारी खुली-खिली सी :)

    बहुत अच्छा लगा जान कर कि आपके बड़े भईया श्रीमद-भागवद् कहते हैं, कोई आर्श्चय नहीं कि आपके विचार इतने सुलझे हुए हैं :)

    नाचे वाली पोस्ट में जो गुरूजी का गीत है, वो भी बेहद खूबसूरत है !

    आप यूँ ही खुश रहे और खुशियाँ बिखेरें !
    सादर,
    शार्दुला

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  17. कितनी कितनी बधाई दे डालूं आपको..बताईये!! हो तो स्मार्ट..भाभी गलत नहीं है..भले ही बात हंसते हुए कही हो!! :)

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  18. गुरुजी, हमको आप नही जानते पर हम आपको जानते हैं. हेयर ट्रांसप्लांट आपको अव्श्य करवाना चाहिये. अब पूछिये क्यों?

    खैर नही भी पूछेंगे तो अब बिना बताये हम जाने वाले भी नही हैं.

    विवाह के समय पत्नि को वचन दिया होगा कि उनकी इच्छा पुर्ण करेंगे. अब उनकी इच्छा ये है तो आपको अवश्य पुर्ण करनी चाहिये. हमारी निजी राय मे गुरुमाता ने बिल्कुल सही राय दी है.

    रामराम.

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