रविवार, 31 अक्तूबर 2010

तरही मुशायरे को एक दिन का ब्रेक देते हुए आज फोटो देखें सीहोर के कवि सम्‍मेलन के

 

DSC_8194 DSC_8195 DSC_8196 DSC_8199 DSC_8203 DSC_8205 DSC_8206 DSC_8211 DSC_8221 DSC_8222 DSC_8224 DSC_8227 DSC_8232 DSC_8237 DSC_8238 DSC_8239 DSC_8242 DSC_8244 DSC_8245 DSC_8246 DSC_8247 DSC_8248 DSC_8249 DSC_8250 DSC_8251 DSC_8252 DSC_8254 DSC_8258 DSC_8259 DSC_8260 DSC_8262 DSC_8263 DSC_8264 DSC_8266 DSC_8274 DSC_8275

7 टिप्‍पणियां:

  1. सीहोर के इस ऐतिहासिक कवी सम्मलेन के लिए दिल से बहुत बधाई गुरु जी आप सभी को ... बब्लू गुरु जी द्वारा ली गयी तस्वीरें कमाल की होती हैं !

    अर्श

    उत्तर देंहटाएं
  2. वाह! ये तो काफ़ी बढिया आयोजन था……………बहुत अच्छा लगा देखकर्……………आपको बहुत बहुत बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  3. छायाचित्र पहले ही देख लिये थे! मैं तो सोच रहा था कि ,वीडियो या औडियो मिलेगा खैर, शायद बाद में!

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत अच्छी तस्वीरें हैं.. आपने जो कवितायेँ पढ़ी वे भी पढ़ने आ सुनने मिल जातीं तो और भी अच्छा होता.

    उत्तर देंहटाएं
  5. इस आयोजन की भव्यता पहले बब्ब्ल गुरू जी के ब्लाग पर देख चुकी हूँ। आपके ब्लाग पर इस आशा से आयी थी कि आपने जो सुनाया उसे सुन सकूँ। सच कहूँ मुझे बहुत गुस्सा आया कि आपने वो तो सुनाया नही जिस की सब ने तालियाँ बजा कर तारीफ की? मै ऐसे मानने वालों मे नही हूँ इतना अभी से जान लोगे तो अच्छा रहेगा। अगर हमे उस मंच पर बोली गयी अपनी रचना नही सुनाओगे तो नाराज़ हो जाऊँगी। अपने छोटे भाई पर इतना तो हक बनता है ना? बहुत अच्छी लगी तस्वीरें। बहुत बहुत बधाई और आशीर्वाद।

    उत्तर देंहटाएं