मैं फिर वापस आ रहा हूं कुछ दिनों की उलझन के बाद ऐसा अभी तो लग रहा है कि सुलझ गया हूं पर सोमवार को ही पता चलेगा कि सुलझा की नहीं । मेरे खयाल से जब से ब्लागिंग से जुड़ा हूं तब से इतनी लम्बी छुट्टी नहीं ली थी । आज तो केवल प्रयोग के तौर पर वसंत के दो फोटो जारी कर रहा हूं । देखिये और आनंद लीजिये ।
Saturday, 16 February, 2008
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3 टिप्पणियाँ:
सुस्वागतम है जी, माडस्साब
आप का वापस आना अच्छा लगा, पेड़ तो आम का लग रहा है मुझे पत्तियां देख कर लेकिन फ़ूल तो आम के नहीं लग रहे तो फ़िर कौन सा पेड़ है?……।:)
शाख शाख पर हरी ये पत्तियाँ
झूमे जैसे मस्त जवानी.
बसंत ऋतु है फिर से आया
बात तुम्हारी सच है मानी.
सुंदर प्रस्तुति के लिये आभार,
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