मंगलवार, 30 दिसंबर 2008

कवि सम्‍मेलन की सफलता की खुशी, जिस्‍म में लगते इंजेक्‍शनों का दर्द और तरही मुशायरे का परिणाम

जाने कैसे हिम्‍मत करके ये पोस्‍ट लगाने आया हूं । आपको बताया था कि सीहोर में एक अखिल भारतीय कवि सम्‍मेलन का आयोजन किया जा रहा है  । आप सब की दुआओं से वो सम्‍मेलन शानदार रहा और ये भी कि सेना को समर्पित इस कवि सम्‍मेलन में सब ने खूब शानदार काव्‍य पाठ किया । विशेषकर विनीत चौहान तो अपने रंग के अपने ही कवि हैं । कड़कड़ाती ठंड में सुबह के चार बजे तक लगभग आठ से दस हजार श्रोता कवियों को सुनते रहे और सेना के जय जय कारे लगाते रहे ।

अपनी कहूं तो सूत्रधार होना और काम का बोझ होना दोनों ने ही 26 की रात को अंतत: बिस्‍तर पर डाल दिया । कुछ तनाव था और कुछ अचानक बढ़ गयी ठंड का परिणाम हुआ ये कि जबरदस्‍त बुखार ने चपेट लिया । ऐसा लग रहा था कि कवि सम्‍मेलन में ही नहीं जा पाऊंगा मगर फिर काफी इंजेक्‍शनों और दवाइयों के दम पर वहां गया और पूरे कवि सम्‍मेलन में रहा भी काव्‍य पाठ भी किया । मगर उस हिम्‍मत का परिणाम ये रहा कि उस दिन से ही बिस्‍तर पर हूं । आज कुछ ठीक लगा तो आपसे बात कर रहा हूं ।

तरही मुशायरा हो चुका है और परिणाम नीरज जी ने दे दिये हैं आज उनकी केवल घोषणा ही होनी है । नीरज जी के ही शब्‍दों में आज हम परिणाम घोषित करते हैं ।

नीरज गोस्‍वामी जी :

neerajgoswami

गुरुदेव आपने फंसा दिया...जब शेर उम्दा हों शायर कमाल के हों ऐसे में हासिल ग़ज़ल शेर निकलना कितना मुश्किल काम है आप तो जानते ही हैं....फ़िर भी जब जिम्मेदारी दी है तो निभानी ही पड़ेगी...मेरी नजर में इस मुशायरे का हासिल ग़ज़ल शेर है:
सिंहासन हिल उठ्ठेगा जब
लावा बन फूटेगी जनता

इस शेर में जनता की ताकत को बहुत खूबसूरत अंदाज में पेश किया है...ये सच है की हम जनता को लाचार मानते आए हैं जबकि ऐसा नहीं है...जब जब जनता के गुस्से के लावा फूटा है तब तब सत्ता धारियों के होश उड़ गए हैं...ईमर्जेंसी के बाद देश की सबसे ताक़तवर नेता स्व.इन्द्राजी का जनता ने जो हश्र किया वो आज भी याद किया जाता है...
मेरी ढेरों बधाईयाँ मेजर गौतम जी को.
इसका अर्थ ये नहीं की बाकि शायरों ने जो कहा है वो उन्नीस है...सभी अपनी जगह अव्वल हैं...इसलिए मेरे निर्णय को अन्यथा न लें...मुझे युवाओं के जो तेवर इस मुशायरे में नजर आए हैं वो बहुत हिम्मत बंधाने वाले हैं... बेमिसाल है...
नीरज

नीरज जी ने अपना काम बखूबी किया है । उनका आभार गौतम को बधाइयां ।

अगले मुशायरे के लिये मिसरा आज दिया जा रहा है ।

मुहब्‍बत करने वाले ख़ूबसूरत लोग होते हैं

काफिया : होते

रदीफ : हैं

अनुरोध वही है कि ग़ज़लों को कमेंट के रूप में नहीं लगायें । subeerin@gmail.com पर मेल करें ।

10 टिप्‍पणियां:

  1. प्रभू
    आप की बीमारी की ख़बर से चिंतित हूँ...ऐसा होता ही है...अपनी रूचि के काम में हम अपनी शारीरिक क्षमताओं का अतिक्रमण कर बैठते हैं नतीजा बीमारी...अब शरीर को क्या मालूम की जनाब कवि सम्मलेन में व्यस्त हैं उसे तो ये मालूम है की उससे जरूरत से ज्यादा और ठण्ड में काम लिया जा रहा है...सो कर दी बगावत...तो बंधू अपनी सीमाओं का ध्यान रखो...आप के स्वास्थ्य की चिंता आप से अधिक आपके प्रशंशंकों को है... इसलिए कमसेकम उनका ध्यान रखते हुए स्वस्थ रहें...
    आप कवि सम्मलेन की सी.डी. कब और कैसे भिजवाएंगे ये बताओ...मैं उसको प्राप्त किए बिना छोड़ने वाला नहीं...आप को अकेले ही सारा आनंद उठाने नही दूँगा...
    तरही मुशायरे को बहुत खूबसूरत अंदाज़ में अंजाम तक पहुँचाया है... "एक अदना से शायर को जज बना कर आपने सब महान शायरों का उडाया है मजाक :)) ( हा हा हा )"
    शेष सब कुशल तब होगा जब आप मुस्कुराते हुए बिस्तर से उठ खड़े होंगे...
    तब तक के इंतज़ार में
    नीरज

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  2. नीरज जी की बात से पूरी तरह सहमत, बहुत बढ़िया शेर चुना है.

    गुरुदेव, आपके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ हेतु मेरी शुभकामनाएं.

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  3. Gautam Ji deserve ka sher karta hai is mushayare ka avval sher banane ka... badhai Major saab

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  4. नव -वर्ष मँगलमय हो
    सादर स्नेह व अनेकोँ बधाई एवँ शुभकामनाएँ - और स्वास्थ्य का ख्याल रखा कीजिये पँकज भाई -

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  5. गुरू जी को दंडवत चरण-स्पर्श....शेर की तारीफ आपकी अस्वस्थता की खबर से मायूस हो गयी...उधर तो ठंढ़ भी बहुत ज्यादा होगी...

    जो होमवर्क है अगला उसका वजन "१२२२-१२२२-१२२२-१२२२’ ही है ना सर?

    नये साल की आपको हार्दिक शुभकामनायें और आप को त्वरित स्वास्थ्य-लाभ की दुआओं के साथ

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  6. गुरु जी प्रणाम
    मुशायरा अच्छे से संपन्न हुआ वो तो ठीक है मगर आपको अपने स्वास्थ का ध्यान रखना चाहिए था
    नीरज जी के निर्णय से १०१ प्रतिशत सहमत हूँ
    गौतम जी को हार्दिक बधाई
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    गुरु जी इस बार आपने बहुत ही सुंदर मिश्रा दिया है और शायद आसान भी
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    मगर मैंने कुछ और ही सोंच रखा था

    क्योकि पहले तरही मुशायरे में आपने आ की मात्रा का काफिया दिया था फ़िर दूसरे तरही मुशायरे में ई की मात्रा का इस लिए मैंने सोंचा था की क्रमानुसार इस बार ऊ की मात्रा का काफिया होगा मगर मै ग़लत था कोई बात नही
    म,
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    गुरु जी मन में एक बात खटक रही है इस लिए कहना उचित समझता हूँ की तरही मुशायरे के चक्कर में क्लास आगे नही बढ़ पा रही है आपसे गुजारिश है की क्लास भी लेते रहिये

    आपका वीनस केसरी

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  7. गौतम जी को हार्दिक बधाईयाँ इस दमदार शेर के लिये। गुरूजी शीघ्र स्वास्थ्यलाभ करें और पूरी ऊर्जा एवं उल्लास से नये साल का स्वागत करें।

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  8. नववर्ष की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाऐं.

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  9. आप अब कैसे हैं? आशा करती हूँ नव वर्ष आपके जीवन को खुशियों से भर दे...

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  10. प्रणाम गुरु जी,
    नव वर्ष मंगलमय हो.
    अपने स्वस्थ्य का ध्यान रखिये............
    गौतम जी को शत-शत बधाइयाँ.

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