बुधवार, 28 नवंबर 2007
कुछ दिन और अनुपस्थित रहूंगा अभी मैं
मित्रों हैं और भी ग़म मोहब्बत के सिवा वाली बात अभी मुझ पर लागू है और मैं कुछ दिनों के लिये अपनी परेशानियों में उलझा हूं आशा हूं आप मुझे कुछ दिनों की छुट्टी प्रदान करेंगें । एक बात का दुख जरूर है मैं 15 दिनों से अनुपसिथत हूं पर किसी भी छात्र ने मेल कर के पूछा नहीं कि क्या बात है माडसाब क्लास क्यों बंद हैं ।
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